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    श्री योगेश्वर मणि

    Yogesgwar_sir
    • पद: प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय

    11.07.1967 को देवरिया (उत्तर प्रदेश) में श्री चंद्र पति मणि के परिवार में जन्मे। विज्ञान स्नातक (बी.एससी.) और विधि स्नातक (एलएलबी) की उपाधि प्राप्त की। 20.12.1995 को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में न्यायिक सेवा में शामिल हुए।

    झारखंड राज्य में विभिन्न न्यायिक पदों पर कार्य किया, 04.05.2001 को खूंटी में न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्य प्रारंभ किया, उसके बाद चतरा में कुछ समय के लिए पदस्थापित रहे और फिर 18.10.2001 से चतरा में मुंसिफ के रूप में कार्य किया। इसके बाद 10.06.2003 को कोडरमा में एसडीजेएम के रूप में पदस्थापित हुए, उसके बाद सिमडेगा, देवघर और डाल्टनगंज में न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यभार संभाला। 26.02.2010 को सिविल जज (वरिष्ठ डिवीजन) के पद पर पदोन्नत हुए और डाल्टनगंज में डीएलएसए के सचिव के रूप में कार्य किया।

    01.04.2011 को, उप-न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश, आर्थिक अपराध, धनबाद के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। 18.10.2012 को जिला न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत हुए और धनबाद के जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नियुक्त हुए। इसके बाद 21.03.2014 से रांची में अतिरिक्त न्यायिक आयुक्त-सह-विशेष न्यायाधीश, सीबीआई (एएचडी घोटाला) के रूप में कार्य किया। 30.09.2016 को प्रधान जिला न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत हुए और 06.10.2016 को प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, लोहरदगा के पद पर नियुक्त हुए।

    इसके बाद 16.06.2017 से प्रधान न्यायाधीश, पारिवारिक न्यायालय, बोकारो और बाद में 04.12.2018 से प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश, गढ़वा के पद पर कार्य किया। इसके बाद, चाईबासा में पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश के रूप में पदस्थापित रहे और वर्तमान में 09.05.2025 से दुमका में तैनात हैं।

    राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी, भोपाल में दिनांक 28.08.2021 से 29.08.2021 तक प्रधान जिला न्यायाधीशों के लिए नेतृत्व कौशल पर राष्ट्रीय संगोष्ठी [P-1256] और दिनांक 12.10.2018 से 16.10.2018 तक उसी अकादमी में पारिवारिक न्यायालयों के लिए पुनश्चर्या पाठ्यक्रम [P-1126] सहित कई प्रतिष्ठित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिया।

    तीन दशकों से अधिक की विशिष्ट न्यायिक सेवा पूरी करने के बाद दिनांक 31.07.2027 को सेवानिवृत्ति की तिथि है।