श्री राजेश सिन्हा
01.01.1971 को मुंगेर (बिहार) में श्री अशोक कुमार सिन्हा के परिवार में जन्मे। विज्ञान में स्नातक (बी.एससी.) और तत्पश्चात विधि (एलएल.बी.) की उपाधि प्राप्त की। 31.05.2002 को न्यायिक सेवा में हजारीबाग में न्यायिक दंडाधिकारी के रूप में शामिल हुए।
इसके बाद 21.04.2005 से घाटशिला में न्यायिक दंडाधिकारी के रूप में और 28.04.2008 से चतरा में रजिस्ट्रार के रूप में कार्यरत रहे। 01.04.2011 से रांची में किशोर न्याय बोर्ड में न्यायिक दंडाधिकारी-सह-प्रधान दंडाधिकारी के रूप में नियुक्त हुए। बाद में 21.03.2014 से गिरिडीह में न्यायिक दंडाधिकारी-सह-अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (जूनियर डिवीजन) के रूप में कार्यरत रहे।
17.08.2015 को सिविल जज (वरिष्ठ डिवीजन) के पद पर पदोन्नत हुए और गिरिडीह में सिविल जज (वरिष्ठ डिवीजन)-सह-न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में कार्यरत रहे। इसके बाद 09.05.2016 को गोड्डा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में पदस्थापित हुए।
29.07.2019 को जिला न्यायाधीश के पद पर पदोन्नत हुए और बोकारो (बेरमो, तेनुघाट) में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्यभार ग्रहण किया। वर्तमान में 01.05.2024 से दुमका में निर्वाचित सांसदों/विधायकों के लिए जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायालय के रूप में कार्यरत हैं।
राज्य के विभिन्न न्यायालयों और न्यायक्षेत्रों में सेवा प्रदान करने के अपने व्यापक न्यायिक करियर के बाद 31.12.2030 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।